purohit.io
en hi kn ta

विवाह मुहूर्त, नवंबर 2051

नवंबर 2051

18 नवंबर 2051 · शनिवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:31-12:17 (Abhijit)
  • 07:35-09:01 (Shubh)
  • 11:54-13:20 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini nakshatra: favorable for marriage

19 नवंबर 2051 · रविवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:35-09:02 (Char)
  • 09:02-10:28 (Labh)
  • 10:28-11:54 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

20 नवंबर 2051 · सोमवार

नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
कृष्ण तृतीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:10-07:36 (Amrit)
  • 09:02-10:28 (Shubh)
  • 14:47-16:13 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

24 नवंबर 2051 · शुक्रवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:11-07:37 (Char)
  • 09:03-10:29 (Amrit)
  • 11:55-13:21 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

25 नवंबर 2051 · शनिवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:33-12:19 (Abhijit)
  • 07:38-09:04 (Shubh)
  • 11:56-13:22 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

26 नवंबर 2051 · रविवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण नवमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:38-09:04 (Char)
  • 09:04-10:30 (Labh)
  • 10:30-11:56 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage

27 नवंबर 2051 · सोमवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण दशमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:13-07:39 (Amrit)
  • 09:05-10:30 (Shubh)
  • 14:48-16:14 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni/Hasta nakshatra: favorable for marriage

28 नवंबर 2051 · मंगलवार

नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण एकादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 10:31-11:57 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Hasta nakshatra: favorable for marriage

30 नवंबर 2051 · गुरुवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:34-12:20 (Abhijit)
  • 10:32-11:57 (Char)
  • 11:57-13:23 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for marriage

शहर बदलें

विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।