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विवाह मुहूर्त, जनवरी 2047

जनवरी 2047

15 जनवरी 2047 · मंगलवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:24-12:47 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

16 जनवरी 2047 · बुधवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण पंचमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:14-08:37 (Labh)
  • 15:34-16:58 (Char)
  • 16:58-18:21 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage

17 जनवरी 2047 · गुरुवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:26-13:10 (Abhijit)
  • 11:24-12:48 (Char)
  • 12:48-14:11 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni/Hasta nakshatra: favorable for marriage

18 जनवरी 2047 · शुक्रवार

नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:14-08:37 (Char)
  • 10:01-11:25 (Amrit)
  • 12:48-14:12 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Hasta nakshatra: favorable for marriage

19 जनवरी 2047 · शनिवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:26-13:11 (Abhijit)
  • 08:38-10:01 (Shubh)
  • 12:49-14:12 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for marriage

21 जनवरी 2047 · सोमवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण दशमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:14-08:38 (Amrit)
  • 10:01-11:25 (Shubh)
  • 15:37-17:01 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for marriage

22 जनवरी 2047 · मंगलवार

नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण एकादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:26-12:49 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mula nakshatra: favorable for marriage

24 जनवरी 2047 · गुरुवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:28-13:12 (Abhijit)
  • 11:26-12:50 (Char)
  • 12:50-14:14 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage

30 जनवरी 2047 · बुधवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:12-08:37 (Labh)
  • 15:41-17:05 (Char)
  • 17:05-18:30 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage

31 जनवरी 2047 · गुरुवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
शुक्ल पंचमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:29-13:14 (Abhijit)
  • 11:27-12:51 (Char)
  • 12:51-14:16 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage

शहर बदलें

विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।