विवाह मुहूर्त, मई 2046
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मई 2046
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2 मई 2046 · बुधवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:10-07:46 (Labh)
- 15:48-17:25 (Char)
- 17:25-19:01 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage
3 मई 2046 · गुरुवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:10-13:01 (Abhijit)
- 10:59-12:36 (Char)
- 12:36-14:12 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage
7 मई 2046 · सोमवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:07-07:44 (Amrit)
- 09:21-10:58 (Shubh)
- 15:49-17:26 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini nakshatra: favorable for marriage
8 मई 2046 · मंगलवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
9 मई 2046 · बुधवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:06-07:43 (Labh)
- 15:49-17:27 (Char)
- 17:27-19:04 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
13 मई 2046 · रविवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:42-09:20 (Char)
- 09:20-10:57 (Labh)
- 10:57-12:35 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
14 मई 2046 · सोमवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:04-07:42 (Amrit)
- 09:20-10:57 (Shubh)
- 15:50-17:28 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
15 मई 2046 · मंगलवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage
16 मई 2046 · बुधवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:03-07:41 (Labh)
- 15:51-17:29 (Char)
- 17:29-19:07 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni/Hasta nakshatra: favorable for marriage
17 मई 2046 · गुरुवार
- नक्षत्र
- हस्त
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:09-13:01 (Abhijit)
- 10:57-12:35 (Char)
- 12:35-14:13 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Hasta nakshatra: favorable for marriage
18 मई 2046 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- स्वाति
- तिथि
- शुक्ल त्रयोदशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:03-07:41 (Char)
- 09:19-10:57 (Amrit)
- 12:35-14:13 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Swati nakshatra: favorable for marriage
19 मई 2046 · शनिवार
- नक्षत्र
- स्वाति
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:09-13:01 (Abhijit)
- 07:41-09:19 (Shubh)
- 12:35-14:13 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Swati nakshatra: favorable for marriage
20 मई 2046 · रविवार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:40-09:19 (Char)
- 09:19-10:57 (Labh)
- 10:57-12:35 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Anuradha nakshatra: favorable for marriage
21 मई 2046 · सोमवार
- नक्षत्र
- मूल
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:02-07:40 (Amrit)
- 09:19-10:57 (Shubh)
- 15:52-17:30 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Mula nakshatra: favorable for marriage
23 मई 2046 · बुधवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:01-07:40 (Labh)
- 15:52-17:31 (Char)
- 17:31-19:09 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage
24 मई 2046 · गुरुवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:09-13:02 (Abhijit)
- 10:57-12:35 (Char)
- 12:35-14:14 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage
25 मई 2046 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:01-07:40 (Char)
- 09:18-10:57 (Amrit)
- 12:36-14:14 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage
29 मई 2046 · मंगलवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage
30 मई 2046 · बुधवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:00-07:39 (Labh)
- 15:54-17:33 (Char)
- 17:33-19:12 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage
31 मई 2046 · गुरुवार
- नक्षत्र
- रेवती
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:10-13:03 (Abhijit)
- 10:57-12:36 (Char)
- 12:36-14:15 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Revati nakshatra: favorable for marriage
विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।
व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।