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विवाह मुहूर्त, मार्च 2042

मार्च 2042

4 मार्च 2042 · मंगलवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 10:59-12:28 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

6 मार्च 2042 · गुरुवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:04-12:51 (Abhijit)
  • 10:58-12:28 (Char)
  • 12:28-13:57 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

7 मार्च 2042 · शुक्रवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:30-07:59 (Char)
  • 09:29-10:58 (Amrit)
  • 12:27-13:57 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage

9 मार्च 2042 · रविवार

नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:58-09:28 (Char)
  • 09:28-10:57 (Labh)
  • 10:57-12:27 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Hasta nakshatra: favorable for marriage

10 मार्च 2042 · सोमवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण तृतीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:28-07:58 (Amrit)
  • 09:27-10:57 (Shubh)
  • 15:26-16:55 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for marriage

11 मार्च 2042 · मंगलवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
अंक
2

साफ़ समय

  • 10:57-12:26 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for marriage

12 मार्च 2042 · बुधवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण पंचमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:26-07:56 (Labh)
  • 15:26-16:56 (Char)
  • 16:56-18:26 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for marriage

13 मार्च 2042 · गुरुवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:02-12:50 (Abhijit)
  • 10:56-12:26 (Char)
  • 12:26-13:56 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for marriage

14 मार्च 2042 · शुक्रवार

नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:25-07:55 (Char)
  • 09:25-10:55 (Amrit)
  • 12:25-13:56 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mula nakshatra: favorable for marriage

शहर बदलें

विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।