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विवाह मुहूर्त, जनवरी 2040

जनवरी 2040

18 जनवरी 2040 · बुधवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
शुक्ल पंचमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:17-08:37 (Labh)
  • 15:17-16:37 (Char)
  • 16:37-17:57 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage

19 जनवरी 2040 · गुरुवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
शुक्ल षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:16-12:59 (Abhijit)
  • 11:17-12:37 (Char)
  • 12:37-13:58 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage

20 जनवरी 2040 · शुक्रवार

नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:16-08:37 (Char)
  • 09:57-11:17 (Amrit)
  • 12:38-13:58 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Revati nakshatra: favorable for marriage

23 जनवरी 2040 · सोमवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल दशमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:16-08:36 (Amrit)
  • 09:57-11:18 (Shubh)
  • 15:20-16:41 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini nakshatra: favorable for marriage

24 जनवरी 2040 · मंगलवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल एकादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:18-12:39 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

25 जनवरी 2040 · बुधवार

नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:15-08:36 (Labh)
  • 15:21-16:42 (Char)
  • 16:42-18:03 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

26 जनवरी 2040 · गुरुवार

नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:18-13:01 (Abhijit)
  • 11:18-12:39 (Char)
  • 12:39-14:00 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

30 जनवरी 2040 · सोमवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:13-08:35 (Amrit)
  • 09:57-11:18 (Shubh)
  • 15:24-16:45 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

31 जनवरी 2040 · मंगलवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण द्वितीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:18-12:40 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

शहर बदलें

विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।