विवाह मुहूर्त, मार्च 2035
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मार्च 2035
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1 मार्च 2035 · गुरुवार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:10-12:57 (Abhijit)
- 11:07-12:34 (Char)
- 12:34-14:00 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Anuradha nakshatra: favorable for marriage
2 मार्च 2035 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:45-08:12 (Char)
- 09:39-11:06 (Amrit)
- 12:33-14:00 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Anuradha nakshatra: favorable for marriage
3 मार्च 2035 · शनिवार
- नक्षत्र
- मूल
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:10-12:56 (Abhijit)
- 08:12-09:39 (Shubh)
- 12:33-14:00 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Mula nakshatra: favorable for marriage
4 मार्च 2035 · रविवार
- नक्षत्र
- मूल
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 08:11-09:38 (Char)
- 09:38-11:06 (Labh)
- 11:06-12:33 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Mula nakshatra: favorable for marriage
5 मार्च 2035 · सोमवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:42-08:10 (Amrit)
- 09:38-11:05 (Shubh)
- 15:28-16:56 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage
6 मार्च 2035 · मंगलवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage
11 मार्च 2035 · रविवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 08:05-09:33 (Char)
- 09:33-11:02 (Labh)
- 11:02-12:31 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage
12 मार्च 2035 · सोमवार
- नक्षत्र
- रेवती
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:35-08:04 (Amrit)
- 09:33-11:02 (Shubh)
- 15:29-16:59 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Revati nakshatra: favorable for marriage
15 मार्च 2035 · गुरुवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:06-12:54 (Abhijit)
- 11:00-12:30 (Char)
- 12:30-14:00 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini nakshatra: favorable for marriage
विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।
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