विवाह मुहूर्त, जनवरी 2032
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जनवरी 2032
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17 जनवरी 2032 · शनिवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:10-12:52 (Abhijit)
- 08:34-09:53 (Shubh)
- 12:31-13:50 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage
18 जनवरी 2032 · रविवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 08:34-09:53 (Char)
- 09:53-11:12 (Labh)
- 11:12-12:31 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage
22 जनवरी 2032 · गुरुवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:11-12:54 (Abhijit)
- 11:13-12:33 (Char)
- 12:33-13:52 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini nakshatra: favorable for marriage
23 जनवरी 2032 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:13-08:33 (Char)
- 09:53-11:13 (Amrit)
- 12:33-13:53 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
24 जनवरी 2032 · शनिवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- शुक्ल द्वादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:12-12:54 (Abhijit)
- 08:33-09:53 (Shubh)
- 12:33-13:53 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
28 जनवरी 2032 · बुधवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:11-08:32 (Labh)
- 15:15-16:36 (Char)
- 16:36-17:57 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
30 जनवरी 2032 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण तृतीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:10-08:31 (Char)
- 09:52-11:13 (Amrit)
- 12:34-13:55 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
31 जनवरी 2032 · शनिवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:13-12:56 (Abhijit)
- 08:31-09:52 (Shubh)
- 12:35-13:56 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage
विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।
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