purohit.io
en hi kn ta

विवाह मुहूर्त, मई 2026

मई 2026

1 मई 2026 · शुक्रवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:07-07:44 (Char)
  • 09:22-10:59 (Amrit)
  • 12:37-14:14 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for marriage

3 मई 2026 · रविवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण द्वितीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:43-09:21 (Char)
  • 09:21-10:59 (Labh)
  • 10:59-12:37 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for marriage

4 मई 2026 · सोमवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण तृतीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:05-07:43 (Amrit)
  • 09:21-10:59 (Shubh)
  • 15:53-17:31 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for marriage

6 मई 2026 · बुधवार

नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:03-07:42 (Labh)
  • 15:53-17:31 (Char)
  • 17:31-19:09 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mula nakshatra: favorable for marriage

7 मई 2026 · गुरुवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण पंचमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:10-13:03 (Abhijit)
  • 10:58-12:36 (Char)
  • 12:36-14:15 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage

8 मई 2026 · शुक्रवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:02-07:41 (Char)
  • 09:19-10:58 (Amrit)
  • 12:36-14:15 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage

12 मई 2026 · मंगलवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
कृष्ण दशमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 10:57-12:36 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage

13 मई 2026 · बुधवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
कृष्ण एकादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:00-07:39 (Labh)
  • 15:54-17:34 (Char)
  • 17:34-19:13 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage

14 मई 2026 · गुरुवार

नक्षत्र
रेवती
तिथि
कृष्ण द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:10-13:03 (Abhijit)
  • 10:57-12:36 (Char)
  • 12:36-14:15 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Revati nakshatra: favorable for marriage

शहर बदलें

विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।