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विवाह मुहूर्त, जून 2025

जून 2025

1 जून 2025 · रविवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
शुक्ल षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:39-09:18 (Char)
  • 09:18-10:57 (Labh)
  • 10:57-12:36 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

2 जून 2025 · सोमवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
शुक्ल सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:00-07:39 (Amrit)
  • 09:18-10:57 (Shubh)
  • 15:55-17:34 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

3 जून 2025 · मंगलवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
शुक्ल अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 10:58-12:37 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage

4 जून 2025 · बुधवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
शुक्ल नवमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:00-07:39 (Labh)
  • 15:55-17:35 (Char)
  • 17:35-19:14 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni/Hasta nakshatra: favorable for marriage

5 जून 2025 · गुरुवार

नक्षत्र
हस्त
तिथि
शुक्ल दशमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:11-13:04 (Abhijit)
  • 10:58-12:37 (Char)
  • 12:37-14:16 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Hasta nakshatra: favorable for marriage

6 जून 2025 · शुक्रवार

नक्षत्र
हस्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:00-07:39 (Char)
  • 09:19-10:58 (Amrit)
  • 12:37-14:17 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Hasta nakshatra: favorable for marriage

7 जून 2025 · शनिवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
शुक्ल द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:11-13:04 (Abhijit)
  • 07:39-09:19 (Shubh)
  • 12:37-14:17 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for marriage

8 जून 2025 · रविवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
शुक्ल द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:39-09:19 (Char)
  • 09:19-10:58 (Labh)
  • 10:58-12:38 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for marriage

9 जून 2025 · सोमवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:00-07:39 (Amrit)
  • 09:19-10:58 (Shubh)
  • 15:57-17:36 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for marriage

शहर बदलें

विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।