विवाह मुहूर्त, दिसंबर 2020
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दिसंबर 2020
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1 दिसंबर 2020 · मंगलवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
2 दिसंबर 2020 · बुधवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:57-08:15 (Labh)
- 14:47-16:06 (Char)
- 16:06-17:24 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
6 दिसंबर 2020 · रविवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 08:18-09:36 (Char)
- 09:36-10:54 (Labh)
- 10:54-12:12 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
7 दिसंबर 2020 · सोमवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:01-08:19 (Amrit)
- 09:37-10:55 (Shubh)
- 14:48-16:06 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
8 दिसंबर 2020 · मंगलवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- कृष्ण अष्टमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage
9 दिसंबर 2020 · बुधवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:02-08:20 (Labh)
- 14:49-16:07 (Char)
- 16:07-17:25 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni/Hasta nakshatra: favorable for marriage
10 दिसंबर 2020 · गुरुवार
- नक्षत्र
- हस्त
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:53-12:35 (Abhijit)
- 10:56-12:14 (Char)
- 12:14-13:32 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Hasta nakshatra: favorable for marriage
11 दिसंबर 2020 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- स्वाति
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:04-08:21 (Char)
- 09:39-10:57 (Amrit)
- 12:14-13:32 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Swati nakshatra: favorable for marriage
12 दिसंबर 2020 · शनिवार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:54-12:36 (Abhijit)
- 08:22-09:40 (Shubh)
- 12:15-13:32 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Anuradha nakshatra: favorable for marriage
15 दिसंबर 2020 · मंगलवार
- नक्षत्र
- मूल
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Mula nakshatra: favorable for marriage
विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।
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