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विवाह मुहूर्त, दिसंबर 2014

दिसंबर 2014

5 दिसंबर 2014 · शुक्रवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:02-08:23 (Char)
  • 09:45-11:07 (Amrit)
  • 12:29-13:51 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini nakshatra: favorable for marriage

6 दिसंबर 2014 · शनिवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:08-12:51 (Abhijit)
  • 08:24-09:46 (Shubh)
  • 12:30-13:51 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

7 दिसंबर 2014 · रविवार

नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
अंक
2

साफ़ समय

  • 08:25-09:46 (Char)
  • 09:46-11:08 (Labh)
  • 11:08-12:30 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

12 दिसंबर 2014 · शुक्रवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:06-08:28 (Char)
  • 09:49-11:11 (Amrit)
  • 12:32-13:54 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

13 दिसंबर 2014 · शनिवार

नक्षत्र
मघा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:11-12:54 (Abhijit)
  • 08:28-09:50 (Shubh)
  • 12:33-13:54 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Magha nakshatra: favorable for marriage

14 दिसंबर 2014 · रविवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 08:29-09:50 (Char)
  • 09:50-11:12 (Labh)
  • 11:12-12:33 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage

15 दिसंबर 2014 · सोमवार

नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:08-08:29 (Amrit)
  • 09:51-11:12 (Shubh)
  • 15:17-16:38 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Phalguni/Hasta nakshatra: favorable for marriage

16 दिसंबर 2014 · मंगलवार

नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण नवमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:13-12:34 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Hasta nakshatra: favorable for marriage

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विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।