विवाह मुहूर्त, जून 2012
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जून 2012
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13 जून 2012 · बुधवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 05:58-07:37 (Labh)
- 15:53-17:33 (Char)
- 17:33-19:12 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage
17 जून 2012 · रविवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:37-09:17 (Char)
- 09:17-10:56 (Labh)
- 10:56-12:36 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini nakshatra: favorable for marriage
19 जून 2012 · मंगलवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
24 जून 2012 · रविवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- शुक्ल पंचमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:39-09:18 (Char)
- 09:18-10:58 (Labh)
- 10:58-12:37 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
25 जून 2012 · सोमवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:00-07:39 (Amrit)
- 09:19-10:58 (Shubh)
- 15:56-17:35 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
26 जून 2012 · मंगलवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni/Hasta nakshatra: favorable for marriage
27 जून 2012 · बुधवार
- नक्षत्र
- हस्त
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:00-07:40 (Labh)
- 15:56-17:36 (Char)
- 17:36-19:15 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Hasta nakshatra: favorable for marriage
28 जून 2012 · गुरुवार
- नक्षत्र
- स्वाति
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:11-13:04 (Abhijit)
- 10:59-12:38 (Char)
- 12:38-14:17 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Swati nakshatra: favorable for marriage
29 जून 2012 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- स्वाति
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:01-07:40 (Char)
- 09:20-10:59 (Amrit)
- 12:38-14:17 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Swati nakshatra: favorable for marriage
30 जून 2012 · शनिवार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 12:12-13:05 (Abhijit)
- 07:41-09:20 (Shubh)
- 12:38-14:18 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Anuradha nakshatra: favorable for marriage
विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।
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