विवाह मुहूर्त, दिसंबर 2003
←
दिसंबर 2003
→
2 दिसंबर 2003 · मंगलवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- शुक्ल नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage
3 दिसंबर 2003 · बुधवार
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद
- तिथि
- शुक्ल दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:31-07:54 (Labh)
- 14:53-16:17 (Char)
- 16:17-17:41 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage
4 दिसंबर 2003 · गुरुवार
- नक्षत्र
- रेवती
- तिथि
- शुक्ल एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:44-12:28 (Abhijit)
- 10:42-12:06 (Char)
- 12:06-13:30 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Revati nakshatra: favorable for marriage
7 दिसंबर 2003 · रविवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- शुक्ल चतुर्दशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:57-09:20 (Char)
- 09:20-10:44 (Labh)
- 10:44-12:07 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini nakshatra: favorable for marriage
8 दिसंबर 2003 · सोमवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- शुक्ल पूर्णिमा
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:34-07:57 (Amrit)
- 09:21-10:44 (Shubh)
- 14:55-16:18 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
9 दिसंबर 2003 · मंगलवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
10 दिसंबर 2003 · बुधवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:35-07:58 (Labh)
- 14:56-16:19 (Char)
- 16:19-17:42 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for marriage
14 दिसंबर 2003 · रविवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 08:01-09:24 (Char)
- 09:24-10:47 (Labh)
- 10:47-12:11 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
15 दिसंबर 2003 · सोमवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:38-08:01 (Amrit)
- 09:24-10:48 (Shubh)
- 14:58-16:21 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for marriage
16 दिसंबर 2003 · मंगलवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni nakshatra: favorable for marriage
विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।
व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।