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विवाह मुहूर्त, अप्रैल 2001

अप्रैल 2001

14 अप्रैल 2001 · शनिवार

नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:55-12:45 (Abhijit)
  • 07:41-09:14 (Shubh)
  • 12:20-13:53 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Mula nakshatra: favorable for marriage

15 अप्रैल 2001 · रविवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:40-09:13 (Char)
  • 09:13-10:47 (Labh)
  • 10:47-12:20 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage

16 अप्रैल 2001 · सोमवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:06-07:40 (Amrit)
  • 09:13-10:46 (Shubh)
  • 15:26-16:59 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha nakshatra: favorable for marriage

20 अप्रैल 2001 · शुक्रवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
कृष्ण द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:04-07:38 (Char)
  • 09:11-10:45 (Amrit)
  • 12:19-13:52 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for marriage

21 अप्रैल 2001 · शनिवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:53-12:43 (Abhijit)
  • 07:37-09:11 (Shubh)
  • 12:18-13:52 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for marriage

25 अप्रैल 2001 · बुधवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल द्वितीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:02-07:36 (Labh)
  • 15:26-17:00 (Char)
  • 17:00-18:34 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini nakshatra: favorable for marriage

26 अप्रैल 2001 · गुरुवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल तृतीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:52-12:43 (Abhijit)
  • 10:43-12:18 (Char)
  • 12:18-13:52 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

27 अप्रैल 2001 · शुक्रवार

नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:01-07:35 (Char)
  • 09:09-10:43 (Amrit)
  • 12:17-13:52 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mrigashira nakshatra: favorable for marriage

शहर बदलें

विवाह मुहूर्त सबसे अधिक पारंपरिक नियमों पर जाँचा जाता है: सूर्य छह निश्चित राशियों ('विवाह के महीनों') में से किसी एक में होना चाहिए, शुक्र और गुरु दोनों अस्त (सूर्य के बहुत करीब) नहीं होने चाहिए, और दिन का योग व करण एक छोटी वर्जित सूची में नहीं आना चाहिए। इन कठोर नियमों को पार करने वाली तारीख़ों में, रोहिणी, मृगशिरा या हस्त जैसा शुभ चंद्र नक्षत्र और वज़न जोड़ता है। चूँकि शुक्र और गुरु के अस्त होने की अवधि हफ्तों तक चलती है, कई बार पूरे महीने एक साथ बाहर हो जाते हैं, यही कारण है कि विवाह की तारीख़ें अक्सर कुछ महीनों में सिमट जाती हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।