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सगाई मुहूर्त, फ़रवरी 2033

फ़रवरी 2033

18 फ़रवरी 2033 · शुक्रवार

नक्षत्र
हस्त
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:41-08:08 (Char)
  • 09:36-11:03 (Amrit)
  • 12:30-13:57 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Hasta/Chitra nakshatra: favorable for engagement

19 फ़रवरी 2033 · शनिवार

नक्षत्र
चित्रा
तिथि
कृष्ण पंचमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:07-12:53 (Abhijit)
  • 08:08-09:35 (Shubh)
  • 12:30-13:57 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Chitra/Swati nakshatra: favorable for engagement

20 फ़रवरी 2033 · रविवार

नक्षत्र
स्वाति
तिथि
कृष्ण षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 08:07-09:35 (Char)
  • 09:35-11:02 (Labh)
  • 11:02-12:30 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Swati nakshatra: favorable for engagement

21 फ़रवरी 2033 · सोमवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:39-08:07 (Amrit)
  • 09:35-11:02 (Shubh)
  • 15:25-16:53 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for engagement

22 फ़रवरी 2033 · मंगलवार

नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:02-12:30 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Anuradha nakshatra: favorable for engagement

24 फ़रवरी 2033 · गुरुवार

नक्षत्र
मूल
तिथि
कृष्ण दशमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:06-12:53 (Abhijit)
  • 11:01-12:29 (Char)
  • 12:29-13:57 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Mula nakshatra: favorable for engagement

25 फ़रवरी 2033 · शुक्रवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण एकादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:37-08:05 (Char)
  • 09:33-11:01 (Amrit)
  • 12:29-13:57 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha nakshatra: favorable for engagement

26 फ़रवरी 2033 · शनिवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:06-12:53 (Abhijit)
  • 08:04-09:33 (Shubh)
  • 12:29-13:57 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha/Shravana nakshatra: favorable for engagement

27 फ़रवरी 2033 · रविवार

नक्षत्र
श्रवण
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 08:04-09:32 (Char)
  • 09:32-11:01 (Labh)
  • 11:01-12:29 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Shravana nakshatra: favorable for engagement

शहर बदलें

सगाई समारोह विवाह के समान, कुछ चौड़ी नक्षत्र-सूची पर निर्भर करता है, साथ ही पुनर्वसु, पुष्य और श्रवण भी जुड़ते हैं, क्योंकि यह परंपरागत रूप से विवाह का पहला औपचारिक कदम माना जाता है। विवाह की तरह, यहाँ भी परंपरागत रूप से कोई वार वर्जित नहीं है; नक्षत्र और सामान्य रिक्ता-तिथि नियम ही छँटाई करते हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।