सगाई मुहूर्त, अक्टूबर 2026
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अक्टूबर 2026
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1 अक्टूबर 2026 · गुरुवार
- नक्षत्र
- रोहिणी
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:42-12:30 (Abhijit)
- 10:36-12:06 (Char)
- 12:06-13:36 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for engagement
2 अक्टूबर 2026 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:06-07:36 (Char)
- 09:06-10:36 (Amrit)
- 12:05-13:35 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for engagement
3 अक्टूबर 2026 · शनिवार
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:41-12:29 (Abhijit)
- 07:36-09:06 (Shubh)
- 12:05-13:35 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Punarvasu nakshatra: favorable for engagement
4 अक्टूबर 2026 · रविवार
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- तिथि
- कृष्ण नवमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:36-09:06 (Char)
- 09:06-10:35 (Labh)
- 10:35-12:05 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Punarvasu/Pushya nakshatra: favorable for engagement
5 अक्टूबर 2026 · सोमवार
- नक्षत्र
- पुष्य
- तिथि
- कृष्ण दशमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:07-07:36 (Amrit)
- 09:06-10:35 (Shubh)
- 15:03-16:33 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Pushya nakshatra: favorable for engagement
6 अक्टूबर 2026 · मंगलवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण एकादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for engagement
7 अक्टूबर 2026 · बुधवार
- नक्षत्र
- मघा
- तिथि
- कृष्ण द्वादशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:07-07:36 (Labh)
- 15:02-16:31 (Char)
- 16:31-18:01 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Magha nakshatra: favorable for engagement
8 अक्टूबर 2026 · गुरुवार
- नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी
- तिथि
- कृष्ण त्रयोदशी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:40-12:27 (Abhijit)
- 10:35-12:04 (Char)
- 12:04-13:33 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Phalguni nakshatra: favorable for engagement
10 अक्टूबर 2026 · शनिवार
- नक्षत्र
- हस्त
- तिथि
- कृष्ण अमावस्या
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:39-12:27 (Abhijit)
- 07:37-09:05 (Shubh)
- 12:03-13:32 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Hasta/Chitra nakshatra: favorable for engagement
11 अक्टूबर 2026 · रविवार
- नक्षत्र
- चित्रा
- तिथि
- शुक्ल प्रतिपदा
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:37-09:05 (Char)
- 09:05-10:34 (Labh)
- 10:34-12:03 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Chitra/Swati nakshatra: favorable for engagement
12 अक्टूबर 2026 · सोमवार
- नक्षत्र
- स्वाति
- तिथि
- शुक्ल द्वितीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:08-07:37 (Amrit)
- 09:05-10:34 (Shubh)
- 15:00-16:28 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Swati nakshatra: favorable for engagement
13 अक्टूबर 2026 · मंगलवार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- तिथि
- शुक्ल तृतीया
- अंक
- 2
साफ़ समय
यह तारीख़ क्यों
- Anuradha nakshatra: favorable for engagement
14 अक्टूबर 2026 · बुधवार
- नक्षत्र
- अनुराधा
- तिथि
- शुक्ल चतुर्थी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:09-07:37 (Labh)
- 14:59-16:27 (Char)
- 16:27-17:55 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Anuradha nakshatra: favorable for engagement
16 अक्टूबर 2026 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- मूल
- तिथि
- शुक्ल षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:09-07:37 (Char)
- 09:05-10:34 (Amrit)
- 12:02-13:30 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Mula nakshatra: favorable for engagement
17 अक्टूबर 2026 · शनिवार
- नक्षत्र
- मूल
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:38-12:25 (Abhijit)
- 07:38-09:05 (Shubh)
- 12:01-13:29 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Mula nakshatra: favorable for engagement
18 अक्टूबर 2026 · रविवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- शुक्ल सप्तमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 07:38-09:06 (Char)
- 09:06-10:33 (Labh)
- 10:33-12:01 (Amrit)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Ashadha nakshatra: favorable for engagement
19 अक्टूबर 2026 · सोमवार
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- तिथि
- शुक्ल अष्टमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:10-07:38 (Amrit)
- 09:06-10:33 (Shubh)
- 14:57-16:24 (Labh)
यह तारीख़ क्यों
- Uttara Ashadha/Shravana nakshatra: favorable for engagement
30 अक्टूबर 2026 · शुक्रवार
- नक्षत्र
- मृगशिरा
- तिथि
- कृष्ण पंचमी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 06:14-07:40 (Char)
- 09:07-10:33 (Amrit)
- 12:00-13:26 (Shubh)
यह तारीख़ क्यों
- Mrigashira nakshatra: favorable for engagement
31 अक्टूबर 2026 · शनिवार
- नक्षत्र
- पुनर्वसु
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी
- अंक
- 2
साफ़ समय
- 11:37-12:23 (Abhijit)
- 07:40-09:07 (Shubh)
- 12:00-13:26 (Char)
यह तारीख़ क्यों
- Punarvasu/Pushya nakshatra: favorable for engagement
सगाई समारोह विवाह के समान, कुछ चौड़ी नक्षत्र-सूची पर निर्भर करता है, साथ ही पुनर्वसु, पुष्य और श्रवण भी जुड़ते हैं, क्योंकि यह परंपरागत रूप से विवाह का पहला औपचारिक कदम माना जाता है। विवाह की तरह, यहाँ भी परंपरागत रूप से कोई वार वर्जित नहीं है; नक्षत्र और सामान्य रिक्ता-तिथि नियम ही छँटाई करते हैं।
व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।