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सगाई मुहूर्त, जुलाई 2026

जुलाई 2026

1 जुलाई 2026 · बुधवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:04-07:44 (Labh)
  • 16:01-17:41 (Char)
  • 17:41-19:20 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha nakshatra: favorable for engagement

2 जुलाई 2026 · गुरुवार

नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण द्वितीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:16-13:09 (Abhijit)
  • 11:03-12:42 (Char)
  • 12:42-14:22 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Ashadha/Shravana nakshatra: favorable for engagement

3 जुलाई 2026 · शुक्रवार

नक्षत्र
श्रवण
तिथि
कृष्ण तृतीया
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:05-07:44 (Char)
  • 09:24-11:03 (Amrit)
  • 12:43-14:22 (Shubh)

यह तारीख़ क्यों

  • Shravana nakshatra: favorable for engagement

6 जुलाई 2026 · सोमवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
कृष्ण षष्ठी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:06-07:45 (Amrit)
  • 09:25-11:04 (Shubh)
  • 16:02-17:41 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada nakshatra: favorable for engagement

7 जुलाई 2026 · मंगलवार

नक्षत्र
उत्तर भाद्रपद
तिथि
कृष्ण सप्तमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:04-12:43 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Uttara Bhadrapada/Revati nakshatra: favorable for engagement

8 जुलाई 2026 · बुधवार

नक्षत्र
रेवती
तिथि
कृष्ण अष्टमी
अंक
2

साफ़ समय

  • 06:07-07:46 (Labh)
  • 16:02-17:41 (Char)
  • 17:41-19:20 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Revati nakshatra: favorable for engagement

11 जुलाई 2026 · शनिवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
कृष्ण द्वादशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 12:18-13:10 (Abhijit)
  • 07:47-09:26 (Shubh)
  • 12:44-14:23 (Char)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini nakshatra: favorable for engagement

12 जुलाई 2026 · रविवार

नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
अंक
2

साफ़ समय

  • 07:47-09:26 (Char)
  • 09:26-11:05 (Labh)
  • 11:05-12:44 (Amrit)

यह तारीख़ क्यों

  • Rohini/Mrigashira nakshatra: favorable for engagement

14 जुलाई 2026 · मंगलवार

नक्षत्र
पुनर्वसु
तिथि
कृष्ण अमावस्या
अंक
2

साफ़ समय

  • 11:05-12:44 (Labh)

यह तारीख़ क्यों

  • Punarvasu/Pushya nakshatra: favorable for engagement

शहर बदलें

सगाई समारोह विवाह के समान, कुछ चौड़ी नक्षत्र-सूची पर निर्भर करता है, साथ ही पुनर्वसु, पुष्य और श्रवण भी जुड़ते हैं, क्योंकि यह परंपरागत रूप से विवाह का पहला औपचारिक कदम माना जाता है। विवाह की तरह, यहाँ भी परंपरागत रूप से कोई वार वर्जित नहीं है; नक्षत्र और सामान्य रिक्ता-तिथि नियम ही छँटाई करते हैं।

व्हाट्सएप पर अपना जन्म विवरण देकर व्यक्तिगत रूप से जाँची गई तारीख़ (ताराबल और चंद्रबल) पाएँ।