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राम नवमी 1882: तारीख़ और महत्व

इस साल
27 मार्च 1882
अगले साल
15 अप्रैल 1883

गणना का आधार: Chaitra Shukla Navami at Madhyahna

रामनवमी भगवान राम, विष्णु के सातवें अवतार और रामायण के नायक, के जन्म का उत्सव है, जो चैत्र के शुक्ल पक्ष की नवमी को, परंपरागत रूप से मध्याह्न में मनाई जाती है, वह समय जब राम का जन्म माना जाता है। यह चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन पड़ती है। मंदिरों में नौ दिन रामायण और राम-कथा का पाठ होता है, और कई लोग उपवास रखकर उसे मध्याह्न की पूजा के बाद ही खोलते हैं। उत्तर भारत में यह त्योहार विशेष महत्व रखता है, जहाँ यह वसंत नवरात्रि के समापन का भी प्रतीक है।

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