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रक्षा बंधन 1944: तारीख़ और महत्व

इस साल
4 अगस्त 1944
अगले साल
23 अगस्त 1945

गणना का आधार: Shravana Shukla Purnima (sunrise-prevailing)

रक्षाबंधन भाई-बहन के बंधन का उत्सव है, जो श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है, रक्षा और स्नेह के प्रतीक के रूप में, और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है; आज यह परंपरा सगे भाई-बहनों से आगे बढ़कर किसी भी करीबी, रक्षक रिश्ते तक फैल चुकी है। यह तिथि सूर्योदय-व्यापिनी है, यानी तारीख़ उस दिन तय होती है जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा पहले से चल रही हो, जिससे शहर के अनुसार तारीख़ कभी-कभी एक दिन बदल जाती है।

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