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कृष्ण जन्माष्टमी 2023: तारीख़ और महत्व

इस साल
6 सितंबर 2023
अगले साल
26 अगस्त 2024

गणना का आधार: Bhadrapada/Shravana Krishna Ashtami, preferring Rohini-yukta overlap

कृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण, विष्णु के आठवें अवतार, के मध्यरात्रि जन्म का उत्सव है, जो भाद्रपद की कृष्ण अष्टमी को मनाई जाती है। भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और उसे मध्यरात्रि की पूजा के बाद ही खोलते हैं, ठीक उस घड़ी जब जन्म माना जाता है। घरों और मंदिरों में बाल कृष्ण के लिए झूले सजाए जाते हैं, और महाराष्ट्र में दही-हांडी भी मनाई जाती है, जिसमें टोलियाँ मानव-मीनार बनाकर ऊँचे टँगे दही के मटके को फोड़ती हैं, बाल कृष्ण की माखनचोरी की याद में। यह पृष्ठ स्मार्त (मध्यरात्रि-आधारित) तारीख़ मानता है; कुछ परंपराएँ, विशेषकर इस्कॉन, कुछ वर्षों में एक दिन बाद की तारीख़ मनाती हैं।

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