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गणेश चतुर्थी 1945: तारीख़ और महत्व

इस साल
10 सितंबर 1945
अगले साल
30 अगस्त 1946

गणना का आधार: Bhadrapada Shukla Chaturthi at Madhyahna

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश, विघ्नहर्ता, के जन्म का उत्सव है, जो भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को, मध्याह्न में मनाई जाती है। घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी की गणेश-मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं, डेढ़ से दस दिनों तक पूजी जाती हैं, और अंत में जुलूस के साथ नदी, झील या समुद्र में विसर्जित की जाती हैं। यह त्योहार पूरे देश में मनाया जाता है पर महाराष्ट्र में विशेष भव्यता के साथ, जहाँ उन्नीसवीं सदी के अंत में यह एक बड़े सार्वजनिक उत्सव के रूप में विकसित हुआ।

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